An Unbiased View of Goal Setting


कहीं बाहर गये हुए थे। मैं दारजी के लिए रोटी बना रही थी। बेबे भी वहीं पास ही बैठी थी। तभी आपकी बात चल पड़ी। वैसे तो जब

Ask why. It's important to consider a bit time to think about why you will be setting the goals you have decided on. If you concentrate on your motivations, it's possible you'll notice that you end up eager to revise your goals.[3] Such as, consider your goal is to master to Perform the guitar.

.। गुड्डी फिर रोने लगी है - क्या मतलब वीरजी, आप.... आप.. ये सब क्या कह रहे हैं और ये पैसे क्यों दे रहे हैं। आपके दिये कितने

हाय-तौबा मचाई और बिल्लू और गोलू ने भी। आखिर परेशान हो कर वहां झूठा संदेसा भिजवा दिया गया कि आपको अचानक

एक बार मेरे पास आ जाये तो बाकी सब संभाला जा सकता है। फिलहाल तो सबसे बड़ा काम यही होगा कि उसे दारजी किसी तरह

बस जाये तो हम बाकी बच्चों की भी फिकर करें। अब इतना अच्छा रिश्ता.....! - दारजी, ये रिश्ता तो न हुआ। ये तो सौदेबाजी हुई। मैं किसी तरह हिम्मत जुटा कर कहता हूं। - कैसी सौदे बाजी ओये.

रहा। वैसे न पीने के कई कारण रहे। आर्थिक भी रहे। फिर उस किस्म की कम्पनी भी नहीं रही। यह भी रहा कि कभी इन चीज़ों के

... विनीत: देशराज चौधरी हरिश्चंद्र नैण की वंशावली

This action is meant to assist you fantasize and imagine numerous prospects. After a number of of those options are out on paper, you could decide which ones are most important for you.

Put it in creating. Composing reinforces feelings. Even when you are the sole 1 to view Everything you've written, crafting down your goals can provide extra ability to your intentions.

पुराने परिचित की तरह बातें करने लगा हूं। अलका ने मुझे खाना खाने के लिए जबरदस्ती रोक लिया है। मैं भी उनके साथ पूजा में बैठा हूं। पूरी शाम उनके घर गुज़ार कर जब

बीच में आ गये - बेबे को बीच में लाने की ज़रूरत नहीं है बरखुरदार, यह मर्दों की बात है। हम click here सब कुछ तय कर चुके हैं। सिर्फ

और जब भी मुझे उसे घर की याद आये या पारिवारिक माहौल में कुछ वक्त गुज़ारने की इच्छा हो, निसंकोच चला आया करूं। मैं अचानक उदास हो गया हूं। भर्राई हुई आवाज में कहता हूं - आप लोग बहुत अच्छे हैं। मुझे नहीं पता था लोग अनजान

"It is actually practical. It flushed out each of the negativity in my head. I used to be initial doubting whether I will be able to do well or not. Now I am positive which i will be successful!"..." more DS Dr. Surendra Prasad Shrestha

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *